मेहनत, ज्ञान और पहचान(Hard Work, Knowledge & Identity)

 

फेमस famous 

आप जो भी करें वह ऐसा करें  जो हर कोई कर न सके काम कुछ भी करो पर आपको उसमें नंबर वन होना चाहिए आप से बेहतर उसे कोई न कर पाए आप अगर पढ़ाई करते हैं तो पढ़ाई की नॉलीज आपसे ज्यादा किसी और को नहीं हो अगर आप मेहनत का काम करते हैं तो आपसे ज्यादा मेहनत कोई न करता हो खुद को दूसरे से कंपेयर  न करें बल्कि उससे अधिक से अधिक  बनिए ताकि हर कोई आपकी तरह बने तो आप के बाद में पहले नहीं अगर आप काम पैसा कमाने के लिए करते हैं तो पैसा मिलता है सिर्फ और अगर नाम कमाने के लिए काम करते हैं तो पैसा भी मिलता है नाम भी और पहचान भी मिलती है
मिसाइल तेज इसलिए दौड़ती हैं क्योंकि उसे जल्दी पहुंचना होता है कुछ लोग तेज इसलिए भागते हैं मेहनत करते हैं क्योंकि उन्हें सफल बनना होता है जिंदगी में मिसाइल बनो या मिसाल बनो बात एक ही है क्योंकि मिसाल भी लोग उन्हीं की देते हैं जो लोग सफल हो गए हैं और मिसाइल भी उस और ही जाती हैं जहां उसका मकसद पूरा होता है इसलिए तेज दौड़ती है जीवन को बेकार और बे मकसद मत बनने दो या मत बनाओ क्योंकि बेवजह और बेकार में कुछ नहीं होता हर चीज की एक वजह जरुर होती है

मेहनत बेकार नहीं जाती है 
Hard work does not go to waste.

हमें अपने काम के प्रति ईमानदार होना चाहिए हर व्यक्ति को चाहे दिक्कत परेशानी आए पर अपना काम हर हाल में करना चाहिए मेहनत बेकार नहीं जाती परीक्षा देने के बाद ही रिजल्ट आता है नहीं आपको कब तक मिलेगा यह भी पूरी तरह पता नहीं होता है
भगवानदास नाम का एक व्यक्ति पढ़ रहा था नौकरी की तलाश कर रहा था लेकिन उसे नौकरी नहीं मिली लेकिन उसने भी हार नहीं मानी और उसके  लिए ही वह मेहनत करता गया उसे एक टीचर बनना था गवर्नमेंट लेकिन उसने बहुत पेपर दिए और जैसे ही टीचर की कोई जॉब निकलती थी वह तुरंत फार्म डाल देता था उसके ऐसे करते करते उसकी शादी भी हो गई बच्चे भी हो गए पर जॉब नहीं मिली लेकिन उसने पढ़ाई नहीं छोड़ी घर के खर्च के लिए पैसा चाहिए था घर की हालत देखता तो बहुत दुखी होता इसलिए उसने बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया लेकिन कभी पढ़ाई से अलग उसने कोई काम नहीं किया चाहे उसे पैसे की कितनी परेशानी आती लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और उसने यह तय कर रखा था कि पैसा  पढ़ाकर ही कमाना है बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते पढ़ाते उसे नॉलीज भी हो गई कॉफी  और 35 साल के बाद उसकी जॉब लगी सरकारी टीचर की
मेहनत करने के साथ-साथ पेशंस रखना भी बहुत जरूरी है व्यक्ति को एक ही काम करना चाहिए जिसमें उसका मन हो मेहनत करते जाइए एक दिन जरुर सफलता मिलेगी क्योंकि कुछ भी नामुमकिन नहीं है नामुमकिन केवल एक शब्द है और कुछ नहीं बस अपने फैसले पर टिके रहो सफलता आपको जरूर मिलेगी

कोई काम छोटा नहीं होता
No work is too small. 

काम कोई भी बड़ा या छोटा नहीं होता यह आपका नजरिया या काम करने का तरीका बड़ा या छोटा होता है आपकी सोच से यह बनता है आप कैसा सोचते हैं क्या सोचते हैं अपने प्रति और दूसरों के प्रति आपका क्या नजरिया रहता है यह आप बहुत अच्छे से जानते हैं आपका नजरिया बुरा भी हो सकता है और अच्छा भी हो सकता है और कोई काम छोटा नहीं होता उस काम को करने का तरीका छोटा होता है होटल  तो बहुत हैं लेकिन ताज होटल के जैसा कोई होटल नहीं है होटल बहुत व्यक्तियों ने बनवाया लेकिन ताज होटल की तरह नहीं काम करवाया काम तो सभी व्यक्ति करते हैं लेकिन पहचाने तो वही जाते हैं जो उस काम को सबसे अलग तरीके से करते हैं यही वजह है जो लोग चमत्कार को नमस्कार करते हैं काम सबके जैसा मत करो सबसे अलग तरीके से करो जो पहचाने जाओ जिसमें ताज होटल बनाया वह भी चिनाई मिस्त्री था और जो मकान बनाते हैं वह भी चिनाई मिस्त्री हैं जिसने ताज महल बनाया वह सबसे अलग तरीके से काम करता था और जो मकान बनाते हैं वह सबके जैसे हैं वह अपना तरीका नहीं बदलते दूसरों के तरीकों से काम करते हैं इसलिए काम कोई भी छोटा नहीं होता उसका तरीका छोटा होता है वह सोच और वह लगन नहीं होती काम में जो आपकी पहचान उस काम से बना सके  काम एक ही करो पर ऐसा करो के दुनिया देखती रह जाए आपकी पहचान एक ही काम बनाएगा जो 100 काम नहीं बना सकते क्योंकि जितनी नॉलीज आप 100 काम के बारे में रखेंगे उतनी ही नॉलीज आप एक काम में रखले तो दुनिया का इतिहास बन जाओगे क्योंकि तुम्हारे पास वह नॉलीज वह ज्ञान की ताकत रहेगी तो आप दूसरे व्यक्ति को हरा सकते हैं क्योंकि आप उस काम में परफेक्ट हो जाओगे कोई आपको हरा नहीं सकता

एक काम करो पर ऐसा करो जो नाम हो जाए
Do something, but do it in a way that makes a name for yourself. 

आप 10 जगह मेहनत ना करके एक ही जगह मेहनत करेंगे तो सफलता आपको जल्दी मिल जाएगी क्योंकि तुम्हें 10 जगह की नॉलीज के बारे में एक ही काम की नॉलीज होगी जितनी के किसी को नहीं होगी इतनी नॉलीज आपके पास होगी पहले एक काम में परफेक्ट  होइये फिर दूसरे काम में आसानी से परफेक्ट हो जाओगे अगर आप तीन चार काम एक साथ करेंगे तो एक काम भी कर नहीं पाओगे सही तरीके से क्योंकि एक कुछ सही करने के चक्कर में दूसरे को छोड़ना पड़ेगा और दूसरे को सही करने के चक्कर में तीसरे काम को छोड़ना पड़ेगा  इसीलिए पहले आप एक काम को करें बाद में दूसरे काम को करें इससे आप का काम भी जल्दी हो जाएगा और आप परेशान भी नहीं होंगे और टाइम भी आपका बचेगा इसीलिए पहले एक काम को सही प्रकार से करें और उस काम को करके आप अपना दुसरा काम कर सकते हैं बिन उलझन के और दोनों  ही काम ऐसे आपके हो जाएंगे

इन व्यक्तियों ने साबित किया है के इंसान कुछ भी कर सकता है
These individuals have proven that a human being can do anything. 

इन्हीं परिस्थितियों में उलझ कर ही व्यक्ति कुछ नहीं कर पाता है जो कुछ कर पाते हैं वह 100 मैं से 20 परसेंट लोग होते हैं जो गलत को सही साबित कर देते हैं जो दुनिया की नजरों में गलत था और उन व्यक्तियों ने उसे सही साबित किया यह वह व्यक्ति हैं जैसे हवाई जहाज बनाने वाले व्यक्ति जिन्होंने हवाई जहाज का अविष्कार किया 114 साल पहले 17 दिसंबर सन 1903 राहट बुधओ ऑरबिल और विलवर ने उत्तरी कैरोलिना मैं राहट फ्लायर नामक विमान से सफल उड़ान भरी थी ट्रेन बनाने वाले व्यक्ति यात्रियों व वस्तुओं को ढोने वाली विश्व की पहली ट्रेन का आविष्कार किया विश्व की पहली ट्रेन 27 दिसंबर 1825 ई को जॉर्ज स्ट्रीफेसन George Stephenson द्वारा बनाई गई थी मोबाइल बनाने वाला व्यक्ति माटिया कोकीया नामक एक अमेरिकन इंजीनियर ने अप्रैल 1973 दुनिया के सामने प्रसिद्ध किया दुनिया आपको गलत बताती है पर आपको इन व्यक्तियों की तरह खुद को सही साबित करना होगा और अपने काम को तब ही आपकी पहचान बनती है वरना नहीं 

महर्षि  बाल्मीकि
Maharishi Valmiki 

महर्षि बाल्मीकि एक डाकू थे पहले और बाद में उन्होंने रामायण लिखी थी उनके बचपन का नाम रत्नाकर था यह हर एक व्यक्ति को लूट लेते थे और उसे मार देते थे जंगल से जो भी गुजरता था यह सबके साथ ऐसा ही करते थे एक बार एक साधु अपने शिष्य के साथ जंगल से गुजर रहे थे तो उन्हें भी रत्नाकर डाकू ने पकड़ लिया और उनसे कहने लगे के जो भी तुम्हारे पास है वह सब कुछ मुझे दे दो तब साधु ने कहा यह चीजें तुम्हें क्यों चाहिए रत्नाकर ने कहा यह चीजें मैं अपने परिवार को दूंगा इनसे ही मेरा घर चलता है साधु ने फिर पूछा यह सब तो ठीक है के जो कुछ तुम कर रहे हो अपने परिवार के लिए कर रहे हो मगर क्या वह परिवार तुम्हारे पाप में भी भागीदारी है क्या वह तुम्हारा पाप अपने साथ बाटेंगे रत्नाकर ने कहा हां जरूर बाटेंगे क्योंकि जो भी मैं यहां से लूट कर ले जाता हूं तो वह सब में उनमे बांटता हूं तुम मुझे गुमराह मत करो साधु जो भी तुम्हारे पास है वह मुझे दे दो वरना मैं आप सबको जान से मार दूंगा साधु फिर बोला हमें मार देना मगर पहले यह बात अपने परिवार वालों से पूछ कर आओ अपने घर अपनी पत्नी से अपने बच्चों से अपने मां बाप से रत्नाकर कहता है कि मैं अगर घर जाऊंगा तो तुम भाग जाओगे नहीं मैं घर नहीं जाऊंगा जो भी तुम्हारे पास है वह मुझे दे दो मैं आखरी बार पूछता हूं साधु कहते है के तुम हमें एक पेड़ से बांधकर चले जाओ और तुम पूछ कर आना रत्नाकर कहता है यह सही है वह उन्हें सबको एक पेड़ से बांधकर चला जाता है अपने घर सबसे पहले वह अपने मां-बाप से पूछता है जो भी मैं लाता हूं लूट कर वह हम सब खाते हैं मैं जो भी कर रहा हूं आप सब के लिए कर रहा हूं तो आप मेरे पाप के भागीदारी भी हुए मां बाप दोनों कहते हैं बेटा हम पाप की कमाई से खाते हैं पाप करके नहीं खाते तुम्हारे साथ तो हम तुम्हारे पाप में शामिल नहीं होंगे वह तुम अकेले ही करते हो तो अकेले ही उसके भागीदार रहोगे अब वह अपनी पत्नी के पास जाकर वही प्रश्न पूछता है तुम तो मेरे जीवनसंगिनी हो तो तुम तो मेरी पाप की साथी हो पत्नी कहती है नहीं प्राणनाथ मैं आपके सुख दुख के साथी हूं आपके पाप की साथी नहीं वह सबसे पूछता है मगर सब उसे अकेले को ही पाप का भागीदार ठहराते हैं अब वह फिर जंगल में जाता है और साधु के पैरों में गिर जाता है अब मुझे बताओ मैं इस पाप से मुक्ति कैसे पाऊं तब साधु उससे कहते हैं राम सबका कल्याण करते हैं तुम यही बैठकर राम राम का जाप करते रहो तब वह तुम्हें माफ न कर दे तुम्हारे सामने आकर वह साधुओं को छोड़ देता है और तब से ही वह राम राम का जाप करता रहता है और एक डाकू से एक रचनाकार बन जाता है
एक इंसान क्या नहीं कर सकता सब कुछ कर सकता है जब एक डाकू लेखक बन सकता है तो आप लोग क्या नहीं कर सकते सफलता पाने के लिए पढ़ना लिखना जरूरी नहीं है लेकिन जरूरी है ज्ञान का होना आप को ज्ञान है या नहीं जो आप कर रहे हो वह सही है या नहीं उस काम से आपको खुशी मिलती हैं या नहीं वह काम करके आपको डर या भय तो नहीं लगता किसी काम को करने से पहले या बाद में यह सब सोचना चाहिए खुद से सवाल पूछने चाहिए
व्यक्ति पढ़ा हुआ हो या ना हो पर नॉलीज होनी चाहिए नॉलीज के सामने पढ़ाई कोई महत्व नहीं रखती है यह दुनिया पैसे के पीछे भागती है और नॉलीज के पीछे नहीं पैसा उसी व्यक्ति को मिलता है जिसके पास नॉलीज होती है

कर्मों का आधार
The Basis of Actions

जिंदगी एक सर्कल है हम इसमें जो भी बोते हैं वही हमें वापस मिलता है जैसे जीवन यह एक जमीन है यहां पर जैसा लगाओगे वैसा ही काटने को मिलता है कहने का यह मतलब है के आप जैसा कर्म या काम करते हैं वैसा ही हमें फल मिलता है अगर हम मजदूरी करते हैं तो मजदूरी के पैसे मिलते हैं जॉब या  बिजनेस करते हैं तो वैसे ही पैसे हमें मिलते हैं यहां भी ऐसा ही है हम अगर अच्छा करते हैं तो अच्छा मिलता है इसके पास हम पहुंचे या यह हमारे पास खुद चलकर आए क्योंकि इस पर हमारा नाम पड़ा है जैसे किसी ने गांव चिट्ठी पहुंचाई है और इस पर नाम तुम्हारा है वह तुम्हें ही मिलेगी या आपके परिवार को मिल जाएगी और किसी को नहीं परिवार को इसलिए मिलेगी क्योंकि आप घर पर नहीं थे और आप घर मैं जो भी लाते हो वह मिल बांट कर खाया जाता है इसलिए कर्मों का कुछ भाग परिवार को इसलिए मिलता है चाहे वह दुख हो या सुख हो अगर आप मेहनत कर रहे हो तो करते रहिए एक दिन सफलता जरूर मिलेगी लेकिन आप जैसी मेहनत कर रहे हैं वैसे ही सफलता मिलेगी अगर आप पढ़ाई कर रहे हैं तो पढ़ाई ही करते रहिए इसमें ही नॉलीज बढ़ाइए और इससे पहले और कुछ मत करने का सोचिए

दो काम
Two tasks 

अगर आप एक काम को छोड़कर दूसरे काम में लग जाते हैं वह काम भी आपका अधूरा रहता है और आप जो कर रहे हैं वह भी आधा है या आधा भी नहीं है और आपको काम करते हुए समय हो जाता है ज्यादा और सफलता इसलिए ही नहीं मिलती क्योंकि आपको नॉलीज नहीं है दोनों ही काम में तो बताइए आपको सफलता कैसे मिलेगी अब या तो आप फिर से तीसरे काम की तैयारी करेंगे या उन्हीं काम को सीखेंगे एक साथ तो असंभव है अगर आप अभी उन दो कामों में से एक काम को  चुनोगे तो सही रहोगे और अब उस काम मैं सफलता आपको आसानी से नहीं मिलेगी मेहनत भी करनी पड़ेगी और पहले वक्त को  भूलना होगा लेकिन यह आसान नहीं है तो अब आप उलझ चुके हो अब आप सफल हो भी सकते हो और नहीं भी यह सब आपके हाथ में हैं 

दो रास्ते
Two Paths 

कुछ लोग दो काम एक साथ करना चाहते हैं जो हो ही नहीं सकते हैं क्या आपने देखा है के एक व्यक्ति दो रास्तों पर एक बार में ही चल जाएगा नहीं ना उस पर जाएगा तो वह छूट जाएगा और उस पर जाएगा तो वह छूट जाएगा कहने का मतलब यह है की एक काम आप ठीक से सीख सकते हैं और चिंता मुक्त होकर और दो काम करेंगे तो जब हम दूसरा काम सीख रहे होंगे तो दिमाग में यह भी आएगा के उस काम को भी करना है

कॉलेज
College

अगर आप पढ़ाई करने जाते हो कॉलेज मैं तो आपका b.a. भी चल रहा है और कोचिंग भी कर रहे हैं आप b.a. की क्लास में बैठे हो और टीचर पढ़ा रहा है और आपका जाने का समय भी हो जाता है तो आप घड़ी को बार-बार देखते हैं टीचर से कहोगे तो वह भेजेगा नहीं करे तो करे क्या आप उस वक्त यह सोचने लगते हैं के कोचिंग में सारे बच्चे आ चुके होंगे और हमारा बेंच चालू भी हो गया होगा दिमाग कोचिंग में है और आप कॉलेज में b.a. की क्लास में बैठे है टीचर ने क्या पढ़ाया वह भी कुछ पता नहीं होता क्योंकि दो काम को एक साथ अंजाम देने वाले लोगों के साथ ऐसा ही होता है 

आज कल
Nowadays

बच्चे अपना समय बचाने के चक्कर में बर्बाद कर बैठे हैं अपनाप को यही कारण है जो बच्चों को नॉलीज नहीं हो पाती और डिग्रियां उनके पास बेशुमार होती है मैं आपको बता दूं ऐसी डिग्री का कोई फायदा या महत्व नहीं है जब आपको नॉलीज ही नहीं है

हाल
Condition 

आजकल पढ़े-लिखे बच्चे ज्यादा है रोड पर भटकते हैं नौकरी की तलाश में और नौकरी उनको मिलती नहीं और जिनको नॉलीज है उनको भी मिल गई तो वरना नौकरी है ही नहीं है क्योंकि 100 परसेंट लोग आज कल पढ़ रहे हैं और नौकरी 5 परसेंट है 95 परसेंट को नौकरी नहीं मिलती है 

हर लम्हा उलझा हुआ है
 उलझनों की तरह
 इसमें सही गलत दोनों छुपा है
 पहचान लीजिए वरना पछताओगे
 जब जिंदगी हिसाब मांगेगी
 और आप दे नहीं पाओगे

Every moment is entangled,
Much like the knots of confusion;
Within it lie both right and wrong—
Recognize this, or you will regret it
When life demands an accounting
And you are unable to provide it.
 

हारने के बाद भी जीत मिलती हैं
Victory can be found even after defeat.

सच है पर कड़वा है न हीं खाने में अच्छा लगता है न हीं सुनने में लेकिन फायदा दोनों देते हैं तकलीफ भी कुछ इस तरह है जैसे एक बाज अपनी चोच पत्थर पर पटक पटक पर तोड़ देता है और नई चोच निकलने का इंतजार करता है जैसे ही नई  चोच आ जाती है फिर वह उस चोच से एक एक पंख करके अपने सारे पंख उखाड़ता है दुख और तकलीफ उसे भी होती  हैं लेकिन उस दुख को वह सहन करके वह फिर से वही ताकत पा लेता है जो उसके पास पहले होती हैं जब वह पंखों और चोच को तोड़ देता है तब उसके पास वह ताकत नहीं होती इस वज़ह से  वह शिकार नहीं कर पाता अब उसके पंखों और चोच  में वह ताकत नहीं रहती इसलिए वह अपनी चोच और पंखों को उखाड़ देता है ऐसा करने से उसके पास फिर से वही ताकत वापस आ जाती है और वह आसानी से फिर से शिकार करने लगता है ऐसा करने से फिर उसकी उम्र 40 साल बढ़ जाती है उसके पंखों में फिर वही ताकत लौट आती है जो उसके उड़ने में मदद करती है और उसकी चोच पहले की तरह नोकीली और कठोर हो जाती है वह दुख उसके सामने कुछ दिनों  का होता है क्योंकि उसे फिर से नया जीवन मिल जाता है उस बाज के पास भी दो ऑप्शन होते हैं जिंदगी या मौत लेकिन वह जिंदगी को चुनता है दुख और तकलीफ उसे दोनों तरफ ही मिलती बस एक तरफ ज्यादा दुख था और दूसरी तरफ कम उसे पंख उखाड़ने रहते हैं अपनी चोच तोड़नी रहती है  वह एसहनिय दर्द को सहना पड़ता है और अगर वह मौत को चुनता तो वहां उसे भूखे तड़पना पड़ता मौत केवल दुख ही दुख देती उसे और जिंदगी उसे सुख देती है क्योंकि उसको वह दुख नहीं सहना पड़ता है और उसके बाद मैं उसकी चोंच और नए पंख निकल आते हैं तो उसकी फिर से वही ताकत वापस आ जाती हैं अगर व्यक्ति मेहनत करनी नहीं छोड़े तो हारने के बाद भी जीत मिलती है

जरूरी
Necessary 

1.पैसा आसानी से कहा मिलता है बहुत मेहनत करनी पड़ती है पैसे के लिए
 2.जब हम काम करते हैं तब कहीं जाकर हमें पैसा मिलता है
 3.काम से ही हमारी पहचान बनती है और काम से ही हमें पैसा मिलता है

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