हालात: जब ज़िम्मेदारियाँ रिश्तों को बोझ बना देती हैं(Circumstances: When Responsibilities Turn Relationships into a Burden)

हालात
circumstances

एक गरीब परिवार की कहानी है इस कहानी में जो बड़ा लड़का होता है वह अपने घर के हालात को देखकर अपनी पढ़ाई छोड़ देता है क्योंकि उनके हालत बहुत खराब रहती है इतनी खराब है उसके पापा जी बीमार रहते हैं और केवल वही घर का सारा खर्च करते थे और वही बीमार हो जाते हैं जब वह लड़का नाइंथ क्लास में रहता है और टीचर कहता है के ₹500 ले कर आओ तब मैं तुम्हें पास करूंगा वरना फेल कर दूंगा अब उसके पिता बीमार रहते हैं और उसके पास पैसे होते नहीं उसके पापा जी की दवाई तक के लिए तो वह ₹500 कहां से देता तो वह तब से पढ़ाई छोड़ देता है और अपने पिताजी से वह लड़का कहता है कि मैं काम सीख लूंगा वह काम करने के लिए कहता है मां बाप दोनों उससे पूछते हैं बेटा पढ़ाई क्यों नहीं कर रहा लेकिन वह लड़का उन्हें कारण नहीं बताता है और काम सीखने की रेट लगाए रहता है मां बाप भी कह देते हैं वह लड़का टंकी फिटिंग या प्लंबर का काम सीखता है क्योंकि उसके गांव का एक लड़का वह काम करता है और काफी पैसे कमाता है उस लड़के के  हिसाब से वह उस लड़के के साथ काम सीखता है वह लड़का आज से 15 साल पहले ₹10 देता था उस लड़के को 1 सप्ताह के और उसके परिवार में उसके पिताजी बीमार थे इसलिए वह लड़का भूखा पेट मेहनत करता है पूरे दिन उस लड़के ने काम जल्दी ही सीख लिया था क्योंकि वह लगन से उस काम को सीखना था अपने और अपने घर के हालात देखता था शाम को घर जाकर वह सोता नहीं था पूरी रात सोचता रहता था उस समय वह लड़का 14 या 15 साल का ही था उसके पिताजी कभी ज्यादा बीमार तो कभी कम बीमार रहते थे लेकिन वह भी काम पर जाते थे दवाई खा खा कर समय गुजर रहा था एक बार उसके पिताजी बहुत ज्यादा बीमार हो गए और पैसे उसके पास है नहीं थे वह दवाई कहां से दिलवाए उसकी मां काम पर जाने लगी और बड़ी बहन भी क्योंकि उनकी दवाई भी तो दिलवाने थी जो मजदूरी के पैसे मिलते उन तीनों को वह उससे दवाई दिलवाते उन्हें वह लड़का यह देख कर बहुत दुखी होता जब उनके पिताजी थोड़े ठीक हो जाते हैं तब वह लड़का चेन्नई चला जाता है अपने गांव के लड़के के साथ उसकी मां तो मना करती है मगर वह उन्हें समझाता है के पैसे की सबसे बड़ी दिक्कत यहां है बाद में सही हो जाएगी पैसा बहुत जरूरी है हमारे लिए इतना कहकर वह चला जाता है इतनी दूर के वह अपने परिवार को खुशी दे सके और उसकी बड़ी बहन की शादी रहती है वह जो पैसा लाता है वह उस शादी में खर्च हो जाता है फिर उनका इलाज रुक जाता है और शादी के 3 महीने बाद ही उस लड़के के पिता की इतनी तबीयत खराब हो जाती है उन्हें बचाने की एक परसेंट उम्मीद रहती है 99% नहीं बच पाएंगे सब यही कहते हैं यहां भी उनके पास पैसा नहीं रहता जैसे तैसे करके ₹20000 लेकर यह पूरी रात एंबुलेंस मैं घुमाते है कभी किस हॉस्पिटल में तो कभी उस हॉस्पिटल में कुछ देखते ही नहीं हॉस्पिटल वाली तो कुछ देखकर ही मना कर देते हैं 2014 की यह बात है ₹20000 लगाकर सुबह को घर वापस आ जाते हैं और तब कुछ गांव वाले और रिश्तेदार राय देते हैं कि चंडीगढ़ लेकर जाओ और गांव के जो व्यक्ति होते हैं  वह चंदा इकट्ठा करते हैं और रिश्तेदार उस लड़के को पैसे देते हैं ₹50000 और वहां के हॉस्पिटल इमरजेंसी में भर्ती करते हैं और वह ₹50000 भी कम पड़ जाते हैं तो वह लड़का एक दम से अजनबी शहर में पैसे लाता तब वह लड़का भी तक मांगता है अपने पापा जी के लिए पैसा इंसान की इज्जत मिट्टी में मिला देता है एक सरदार रहता है उस लड़की की मां उस सरदार से कहती है कि मुझे पैसे दे दो मेरे पति बहुत बीमार है तू वह सरदार उस पर रहम करने की वजह उससे गंदी बातें करता है वह लड़का सुन लेता है वह अपनी मां को वहां से ले जाता है और अकेले में बैठकर बहुत रोता है लेकिन वह लड़का नहीं हारता और वह मेहनत करके दिन रात अपने पिताजी का इलाज कराता रहता है और अपने तीन छोटे छोटे भाई बहन को भी पालता है उसकी मेहनत पूरी नहीं होती और उसके पिताजी मर जाते हैं अब वह लड़का बहुत परेशान रहता है उसका कोई ताऊ चाचा भी नहीं होता और कोई भी उसका साथ नहीं देता क्योंकि उसके पास पैसा नहीं रहता लेकिन वह अपने भाई बहन को देखता है जो उससे छोटे होते हैं वह लड़का भाई बहन को पढ़ाता है मां को बाहर काम करने नहीं देता है वह पांच व्यक्ति रहते हैं चार भाई बहन और उनकी मां वह अपने भाई बहन के हर शौक पूरे करता है वही काम करके जो उसने सीखा था पहले वह अपनी बहन की शादी करा देता है जो उस से छोटी होती हैं अब तक सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था अब उसका काम नहीं चल रहा था और घर के खर्च उसके ऊपर थे अब पैसा उसके पास नहीं रहता वह कहां से देगा अब वह परेशान और टेंशन में रहने लगता है रातों को ज्यादा सोता नहीं दिन भर परेशान रहता है वह सबसे गुस्से में बात करता है क्योंकि वह बहुत परेशान रहता है वह अब अपने भाई बहन को कहता है खुद अपना खर्च करो अब मेरे बस की बात नहीं मैं कहां तक करूंगा अब उसका व्यवहार बहुत बदल जाता है वह पहले जैसा नहीं रहता अब कुछ चीजों के ताने भी दे देता है कि यह है तो मेरे ही पैसों की तुम तो नहीं कमा कर लाए अब इन भाई बहनों में वह प्यार नहीं नफरत करने लगते हैं एक दूसरे से परिवार में 4 व्यक्ति रहते हैं और वह भी अकेले अकेले रहते हैं सब मतलब से बोलते हैं एक दूसरे से पैसे का हर कोई रोब दिखाता है व्यक्ति कहां तक करेगा इसलिए ही रिश्ते बोझ बन जाते हैं

महत्व
Importance

इतनी लंबी कहानी लिखने का यही उद्देश्य था की रिश्ते बोझ कैसे बनते हैं ताकि आप लोगों की समझ में आ सके पैसा कितना जरूरी है हर जगह पैसे की जरूरत है

हर फैसला आने वाले वक्त
और इस वक्त के बारे में सोच कर करना चाहिए
ताकि आपको आने वाले वक्त में पछताना न पड़े

Every decision should be made with both the present and the future in mind,
so that you do not have to face regret later on.

परिस्थिति सबकी जिंदगी में आती हैं उस दुख और परेशानी को संभालना और सही तरीके को अपनाना हर किसी को नहीं आता सही को पहचानना हर शख्स नहीं सीख पाता दुख और गलती से ज्ञान प्राप्त होता है परंतु इनसे हर शख्स ज्ञान प्राप्त नहीं कर पाता ज्यादा दुख आने पर व्यक्ति अपना होश खो बैठता है वह सही तरीका भी अपना सकता है और गलत तरीका भी उसी समय के बारे में सोच कर अगर व्यक्ति फैसला करता है तो वह फैसला तब तक सही रहता है जब तक जमाना नहीं बदलता कुछ समय आपका फैसला सही होता है मगर उसके बाद आप गलत साबित हो जाते है क्योंकि आप वो 100 साल पहले का नहीं सोचते जमाना बदलेगा आप उसका फैसला उस वक्त में कर लेते हैं आने वाले वक्त का सोचना भूल जाते हैं और फिर पछताते हैं जब जमाना आपको पीछे छोड़ देता है  ऐसा ही इस कहानी में इस लड़के ने पैसे कमाने के चक्कर में काम सीखने का जो फैसला रहता है वह गलत होता है और आज वह लड़का 30 साल का है और उसने जो काम सीखा था जब वह 13 या 14 साल का था आज 16 साल के बाद उसका काम सीखने का कोई फायदा नहीं हुआ आज वह बेरोजगार है और परेशान है इस लड़के ने भूखे पेट भी काम किया है और काम सीखने की लग्न में काम बहुत जल्दी सीख लेता है वह मेहनत उसकी कुछ समय ही रंग लाती है और अब वह परेशानी और दुख दे रही है  जल्दबाजी के फैसले गलत होते हैं उस वक्त के बारे में हम सोचते हैं जो चल रहा होता है तो वह फैसला गलत साबित आपको कर ही देता है आज से 100 साल पहले का सोच की तब फैसला लीजिए वह सही रहेगा आपके जीवन के लिए उस फैसले से अपनी पूरी जिंदगी के बारे में सोचें तब जाकर तय कीजिए कि आपका फैसला सही है या गलत है

मेहनत सही काम के लिए और सही तरीके से कीजिए
तब आपको सफलता मिलेगी कोई रोक नहीं सकता
लेकिन आपका तरिका कितना सही है यह आपको पता होना चाहिए
Put in the effort for the right cause and in the right way, and success will be yours—nothing can stop it; however, you must be aware of just how correct your approach is.

सही और गलत
right and wrong

पैसे कमाने के चक्कर में व्यक्ति गलत तरीका भी अपना बैठता है और सही तरीके भी मगर सही फैसला और सही तरीका कुछ ही व्यक्ति अपनाते हैं वरना बाकी गलत रास्ता चुन बैठते हैं इसलिए व्यक्ति गरीब ज्यादा रहते हैं और अमीर कम क्योंकि 5 परसेंट लोग सही तरीके से पैसा कमाते हैं  बाकी कोई टीचर बनता है तो कोई मकैनिक की नौकरी करता है तो कोई मजदूरी इसी सब में यह 95 परसेंट लोग उलझे रहते हैं और 5 परसेंट व्यक्ति होते हैं जो एक बार मेहनत करते हैं बार-बार कमाते हैं यह दिमाग ज्यादा लगाते हैं और शरीर से कम मेहनत करते हैं इसीलिए तो यह बैठ कर खाते हैं और दूसरों से मेहनत करवाते हैं और खुद आराम फरमाते हैं यह 5 परसेंट ही है जो सही तरीका अपनाते हैं

जिम्मेदारी
responsibility

जिम्मेदारी यह लोग भी निभाते हैं लेकिन उसी बोझ नहीं समझते बल्कि ताकत समझते हैं अपनी क्योंकि जब हम अपने लिए मांगते हैं तुम प्राकृतिक हमें बहुत इंतजार कराती हैं और दूसरों के लिए मानते हैं तो जल्दी दे देती है

परेशानी
Trouble 

जब परेशानी बढ़ जाती है और परिवार की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती हैं व्यक्ति दुखी होकर भी दुख छुपाने की कोशिश करता है  मगर और दुख उसकी जिंदगी में आ जाता है वह बहुत कोशिश करता है उसे दूर करने की फिर दूसरा दुख उसकी जिंदगी में आ जाता है वह पहले दुख को भूल नहीं पाता और एक दुख नया आ जाता है जैसे जख्म पहला ठीक नहीं हुआ हो और दूसरी जगह मैं जख्म बन गया हो परेशानी आती ही रहती है और उस वक्त पैसे न हो तो  मां-बाप परेशान रह कर जीते हैं  बल्कि गुस्सा भी करने लगते हैं अपने बच्चों को कुछ ऐसे शब्द कह बैठते हैं जो सच भी होते हैं और चुभते भी बहुत है

दर्द
Pain 

दो भाई होते हैं बड़ा भाई पागल और छोटा भाई सही रहता है बड़े भाई की देखभाल खाना खर्चा सब छोटा भाई करता हैऔर उन दोनों के मां बाप मर जाते हैं पहले से ही एक दिन छोटा भाई परेशान था उसका काम नहीं चल रहा था और बड़ा भाई बच्चों की तरह करता है जैसे कोई छोटा बच्चा रहता है उस दिन छोटा भाई काम देखने जाता है और उसे काम नहीं मिलता वह परेशान होकर  थक कर घर पहुंचता है वह बड़ा भाई उससे पैसे मांगने लगता है और वह गुस्से में उसे यह कह देता है कि खुद भी तो पैसे कमा कर लाओ पैसा किसी पेड़ पर नहीं लगता जो तुम्हें तोड़कर लादू वह इतना कहते हैं  और अंदर  कमरे में चला जाता है वह पागल भाई पैसे कमाने निकल जाता है किसी से भीक मांगता है तो किसी से मदद मांगता है कि मुझे बहुत भूख लगी है मुझे काम दे दीजिए मैं कुछ भी काम करने के लिए तैयार हूं और जब उसका छोटा भाई बाहर आता है अपने पूरे घर में वह अपने भाई को ढूंढता है लेकिन वहां नहीं मिलता वह फिर उसे पागलों की तरह ढूंढता है कई होटल दुकान पर देख लेता है वह मगर एक होटल पर लोग उससे कुछ भी सवाल पूछ रहे  होते हैं उसे पागल जैसी हरकत कराते हुए अपने मोबाइल में वीडियो बनाते हैं यह सब करते हुए उसका छोटा भाई जब देखता है तो वह बहुत रोता है बल्कि उन व्यक्तियों को भी कहता है की अगर ऐसा भाई यह बच्चा आपका होता तो क्या आप उसका ऐसा ही तमाशा या मजाक  बनाते चलो भैया घर चलते हैं वह उसे घर ले आता है उसे खाना खिला कर सुला देता है और बाद में अकेला बैठ कर रोता है कि मैंने ऐसा कहा क्यों अगर आज मेरा भाई को कुछ हो जाता तो मैं क्या करता मैं अपने आप को माफ नहीं कर पाता और अकेला ही रह जाता
कुछ इस तरह से रिश्ते में दूरियां बन जाती हैं वह बोझ लगते तो नहीं इसी कारण रिश्ते बोझ बनते हैं ना चाहते हुए भी व्यक्ति परेशान होने के कारण वह अपना होश खो बैठता है वह सही दिशा भटक जाता है और डिप्रेशन मे पहुंच जाता है परेशानी पैसे की रहती है इस प्रकार वह भटक जाता है वह केवल परेशानी को देखता है उसके बारे में सोचता रहता है किसी भी चीज के बारे में अगर हम बार-बार सोचते हैं तो हम उसे अपनी और आकर्षित करते हैं इसी वजह से हम परेशान रहते हैं अच्छा सोचते हैं तो अच्छा फील करते हैं और बेकार सोचते हैं तो बेकार ही अपनी और आकर्षित करते हैं अगर हम परेशान हैं तो अपना मन हमें ऐसी चीजों में लगाना चाहिए जहां से हमें  खुशी मिले जैसे छोटे बच्चे को देखिए जिसे आप पसंद करते हैं प्यार करते हैं या आप अपने मोबाइल में कॉमेडी देखिए जिससे आपको हंसी आई और अपनी परेशानी के बारे मैं न सोचकर उसका हल ढूंढने का सोचे इससे आपकी परेशानी का भी हल हो जाएगा और आपके परिवार मैं कोई दुख और परेशानी भी नहीं आएगी और आप खुश रहेंगे

जरूरी
Necessary
 
1.रिश्तो को जिम्मेदारी समझकर निभाओ
 2.पैसे की वजह से किसी का दिल मत दुखाओ
 3.किसी पर एहसान नहीं दया दिखाओ
 4.पैसे के अहंकार में अंधे ने बनो
 5.पैसा घमंड नहीं ताकत है
 6.जरूरत वालों को पैसा दो और पुण्य कमाओ

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