किस्मत नहीं, कर्म जरूरी है(Luck Does Not Work Without Action)

किस्मत
Destiny

हम जो चाहते हैं बन सकते हैं  
We can become whatever we want.                  

किस्मत कुछ नहीं है आप जैसा चाहते है वैसा कर सकते हो आप अगर सोना चाहते हो तो सोना सकते हो अगर आप घुमना चाहते हो तो घूम सकते हैं आप अगर पढ़ना चाहते है तो पढ़ सकते है  खेलना चाहते है तो खेल सकते हो अगर आप हर काम अपनी मर्जी से करते हैं और दोश किस्तम को देते है

कसूर बार
Kasoor Fault Times.

हम और आप अपना भविष्य या किस्तम किसी भी प्रकार से बना सकते है मजदूरी करके बिजनेस करके Job करके पढ़कर या पढ़ाकर डाक्टरी सीख कर या डॉक्टर बनकर प्रकार मेहनत करते हैं उसी प्रकार से हमें और आपको सफलता मिलती हैं हमे मौरी आपको उसी छकार सफलता मिलती है जिस मकसत को आप और हम पूरा करने के लिए मेहनत करते है वही तो पूरा होता है जैसे सब्जी हमें और कोई सी खानी है और बना और कोई सी रहे है तो क्या हम वह सब्जी खा पाएंगे नही ठीक वैसे हम मेहनत जिस काम मे करते है उसी में सफलता मिलती है वरना नही और कुछ लोग मेहनत कम करते है और काम को बीच में  ही आधा अधूरा छोड़ देते हैं तो क्या आपको उस काम में सफलता मिल जाएगी कभी नहीं अगर हम खाना भी पकाते हैं तो उसके पूरा पकने का इंतजार करते हैं चाहे कितनी तेज से भूख क्यों नहीं लगी हो अगर आप उस खाने को बीच मैं ही उतार देते है तो क्या वह पक पाएगा नहीं पकेगा और दोस खाना पकाने वाले को दो जबकि उसने अपना काम पूरा किया है और गलती उसमें हमारी ही रही हैं क्योंकि हमने उस खाने को पकने से पहले ही उतार दिया है उसके मना करने के बाद भी ऐसे ही हम दोष देते हैं किस्मत को और गलती हम खुद करते हैं और बड़े विश्वास से कहते हैं हमारी तो किस्मत खराब है ऐसे व्यक्तियों की किस्मत खराब नहीं रहती यह खुद खराब रहते हैं जो खुद कुछ करना नहीं चाहते और किस्मत को दोष देते हैं यह व्यक्ति किसी एक काम में मेहनत नहीं करते उसे बीच में ही अधूरा छोड़ देते हैं उसे ठीक से सीखते नहीं पूरा और उसे छोड़कर दूसरे काम को करते हैं के इस में अब तक हमारा कुछ नहीं हुआ तो अब क्या होगा इससे तो दूसरा काम सीख लेते हैं उसमें जल्दी तरक्की मिल जाएगी लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता के उसमें और भी ज्यादा टाइम लगेगा इनके पास धैर्य या पेशंस नहीं होता हर चीज को जल्दी पाना चाहते हैं जबकि कुछ भी जल्दी नहीं मिलता हर काम में समय लगता है ऐसे व्यक्ति एक जगह नहीं टिकते वह जगह-जगह या अलग अलग काम करते हैं लेकिन उन्हें ठीक से एक भी काम पूरा नहीं आता किसी एक काम की भी इन्हें नॉलेज नहीं रहते क्योंकि यह जितने भी काम सीखते हैं सब अधूरे ही सीखते हैं इन व्यक्तियों को फल जल्दी चाहिए होता है इसीलिए बहुत सारे काम सीख लेते हैं जल्दी सफल होने के चक्कर में यह ज्यादा पैसा कमाना चाहते हैं यह चाहते हैं कि मेहनत कम करनी पड़े और पैसा ज्यादा मिले यह 1 दिन में करोड़पति होने की सोचते हैं यह भूल जाते हैं हर काम में पहले मेहनत करने पड़ते हैं अब जाकर सफलता मिलती हैं
उदाहरण
 
धैर्य
patience

धैर्य रखना उतना ही जरूरी है जितना कि सफल होना और एक काम को ही आप उस तरीके से सीखे के जो आपके पास है वह नॉलेज और किसी के पास ने हो हजार काम सीखने से बेहतर है के एक ही काम सीखो और ऐसा सीखो कि हर व्यक्ति आपसे वह काम सीखना चाहे

किस्मत खराब है
My luck is bad.

मैंने सुना है लोगों को यह कहते हुए कि हमारी किस्मत खराब है लेकिन मैं आप आपको बता दूं के वह खुद खराब होते हैं उनकी किस्मत खराब नहीं होती है वह मेहनत उस प्रकार से नहीं कर पाते जिस प्रकार से करनी होती हैं वह लोग एक दो बार में मेहनत करके ही छोड़ देते हैं उस काम को बीच में ही छोड़ देते हैं उसे पूरा नहीं करते और बाद में कहते हैं हमारी किस्मत खराब है गलतियां खुद करते हैं और दोषी किस्मत को ठहराते हैं 
जैसे छोटा बच्चा जब चलना सीखता है तो उसे बहुत बार गिर ना पड़ता है संभलना पड़ता है और उठता भी सीखता है वह हार तो नहीं मार लेता जब हम किसी काम को करते ही नहीं करना नहीं चाहते तो हम उसे कैसे कह सकते हैं कि वह काम खराब है खराब नहीं है यह हमारे गलतफहमी है और कुछ नहीं  गलतफहमी अगर इंसान के दिमाग में हो जाए तो उसका कुछ नहीं किया जा सकता क्योंकि डॉक्टर के पास भी इसकी कोई दवा नहीं है

हम जैसा चाहे वैसा बन सकते हैं
We can become whatever we want to be.

एक गरीब परिवार की लड़की की जॉब लगती है तो उसे कंपनी वाले ट्रेनिंग के लिए बुलाते हैं ठीक 1 महीने पहले ही उसके पिताजी की मृत्यु हो जाती हैं उस लड़की से बड़ा भाई उसे जॉब के लिए भेज देता है  वह लड़की अनजाने शहर में रहती हैं उसकी पांच फ्रेंड उसके साथ रहती हैं उनकी भी जॉब रहती हैं और वह लग भग 3 महीने वह वहां रहती है वह लड़की गलत संगत मैं पड़ जाती हैं जिसके पिताजी नहीं रहते उन लड़कियों की तरह हो जाती है अब पता चल जाता है उसके घर तो उसका भाई उसे वापस बुला लेता है के अब तुम घर आ जाओ हम जॉब नहीं कर रहे तुम्हें वह लड़की अपने घर वापस आ जाते हैं क्योंकि वह वहां अपना करियर बनाने के लिए जाती है और वह गलत संगत में पड़कर अपना कैरियर बर्बाद कर लेती है जिसकी बजा से उसके घर के उसकी शादी करा देते हैं और वह उस लड़के की इंफॉर्मेशन नहीं निकाल पाते है क्योंकि वह लड़की उनके लाख समझाने पर भी नहीं मानते अब उस लड़की का जो हाल रहता है वह देखकर गुस्सा आने लगता है उसके परिवार वालों को क्योंकि जिस लड़के के साथ उसकी शादी होती है वह लड़का शराब पीता है ज्यादा उस लड़की के घर में पैसे की वजह से लड़ाई होती हैं अब वह एक एक रुपए को तरसती है और पहले हर शौक करती थी अब नहीं करती अब वह वैसी नहीं रही है अब वह सुधर गई है अब उसके पास अपने बच्चों को दवाई दिलवाने के लिए भी पैसे नहीं रहते तो क्या उसने अपना जीवन खुद बर्बाद नहीं किया जैसे वह जी रही है उसने खुद को ही बर्बाद नहीं किया है उसके भाई ने उस पर विश्वास करके भेजा था कि मेरी बहन कुछ बन जाए

सुधरीए
Mend your ways. 

उसने कुछ नहीं किया बल्कि अपने पापा की मौत का ख्याल न करते हुए उनकी इज्जत को दाग लगाने शुरू कर दिया वह बदल सकती थी खुद को और अपने परिवार के हालात को भी अगर वह चाहती तो अपनी जिंदगी बेहतर जीती लेकिन उसने ऐसा नहीं किया इन जैसी लड़कियों की वजह से ही मां-बाप उन लड़कियों पर भी शक्तियां लगा देते हैं जो जीवन में कुछ करना चाहते हैं अपनी और अपने मां-बाप की पहचान दुनिया से कराना चाहते हैं उन लड़कियों की वजह से दूसरी लड़कियों को भी कैद होकर जीना पड़ता है मैं उन लड़कियों से कहना चाहूंगी सब कुछ कीजिए लेकिन समय के हिसाब से कीजिए पहले कैरियर बनाइए जो चाहे कीजिए लेकिन अपने मां-बाप की इज्जत को बढ़ाइए ना की हटाइए और अपना सम्मान उनकी नजरों में इतना बनाओ की उन्हें गर्व हो कि हमारी बेटी नहीं बेटा है कुछ ऐसा करते दिखाइए मुझे लेकिन और जुल्म किसी पर ना करें अपनी वजह से किसी और लड़की का आना जाना बाहर रहना उन्हें उनकी जिंदगी जीने देने के लिए पाबंदी ना लगवाने आप अपनी जिंदगी तो बर्बाद करती हैं लेकिन साथ में आप यह भूल जाते हैं कि आपके छोटू पर शक्तियां की जाती है जो शक्तियां आप पर वह नहीं कर पाते वह अपने  छोटू पर करते हैं 

खुद का है
It’s my own.

अगर वह चाहती तो अपने हर शौक और अपना हर सपना पूरा कर सकती थी जॉब थी उसके पास अपना भविष्य बना सकती थी उसके पिताजी नहीं थे अपने परिवार का सहारा बन सकती थी क्या नहीं कर सकती थी वह चाहती तो अपना खुद का घर होता पति भी अच्छा होता पैसे की कमी भी नहीं होती उसका ही नहीं उसके बच्चों का भी भविष्य अच्छा होता करना तो खुद नहीं चाहते और दोष किस्मत को देते हैं 

किस्मत
Destiny

किस्मत बनाने से बनते हैं आप जैसा भी चाहते हैं बन सकते हैं आप बैठे रहेंगे हाथ पर हाथ धरे तो क्या किस्मत आपको खाने को देगी या खाना बना कर देगी नहीं दोस्तों किस्मत कुछ नहीं देती सब कुछ खुद करना पड़ता है खुद ही खाना पड़ता है जो आप पूरा दिन भर काम करते हो तो पैसा भी मिलता है और सफलता भी मिलते हैं 
आपकी पहचान 
आपकी किस्मत बनाते हैं 
आप जैसा करते हो
वही आपकी किस्मत आते हैं

अपनी पहचान और अपने सपना के लिए पागल बनो
Be obsessed with your identity and your dream.

एक लड़की अपनी खुद की पहचान बनाना चाहती है यानी अपने पैरों पर खड़ा होना चाहते हैं मगर उसके घर के उसे कुछ करने नहीं देते वह मना करते हैं कि हमारे घर में पैसा भी है तुझे वो चीज हम लिवा कर देंगे लेकिन तू कुछ नहीं करेगी वह कहती है मुझे अपने मेहनत का सब कुछ चाहिए वह कहते हैं कि तू कहीं नहीं जाएगी तू कुछ नहीं करेगी तू बस घर का काम करेगी और घर से बाहर हमारे साथ जाएगी यह सब बहुत दिन तक चलता है घरवालों के बीच और उस लड़की के साथ फिर वह लड़की अपना घर छोड़ने का फैसला करती है अपने घरको से कहती है जो उस लड़की का भाई होता है वह उस लड़की का हाथ तोड़ देता है हम तुझे जान से मार देंगे मगर बाहर जाने नहीं देंगे नहीं कुछ करने देंगे तब वह लड़की कहती है मैं अब यहां एक पल नहीं रहूंगी वह घर छोड़ देती हैं मां बाप भाई बहन उससे रिश्ते नाते तोड़ देते हैं वह जहां काम करती थी वही की एक लड़की के घर रहती है और 1 साल में वह लड़की अपनी खुद की स्कूटी खरीदी है और उस लड़की के घर को को पता चल जाता है उसने स्कूटी खरीदी है जो उस लड़की के भाई होते हैं वह अभी तक अपने बाप की कमाई पर जीते हैं तब जाकर उस बाप को एहसास होता है कि मेरी बेटी गलत नहीं थी गलत मैं खुद था और वह उससे मिलने के लिए पहुंचते हैं पापा जी बेटी से बहुत दिनों के बाद मिलकर रोते है और फिर वह अपने पापा जी को सारी प्लानिंग दिखाती है कि मैंने आपके लिए यह है चश्मा लिया था पापा बहुत खुश थे बेटी को घर आने के लिए कहते हैं बेटी कहते हैं पापा जी मैं कुछ दिनों बाद कार लेने जा रही हूं तब घर आऊंगी फिर बेटी मेहनत करती है और कार ले लेती है अपने लिए नहीं अपने पापा जी के लिए और घर पर जाकर उन्हें दे हाती है के इसे आप रखिए और वह गांव की रहने वाली होती है सब लोग उसे देखते हैं कुछ गलत बोलते भी हैं और कुछ सही बोलते हैं कि बेटी ऐसी ही हो वरना नहीं 2 साल में उसने इतना कुछ किया बिजनेस करके फ्यूचरविंस कंपनी मैं काम करके एक स्कूटी ली कारली स्मार्ट फोन अब लोग उस लड़की को देखकर कहते हैं ऐसे ही लड़की होनी चाहिए

जो सपनों को पूरा करने से रोकते हैं अपने बच्चों को
Those who stop their children from fulfilling their dreams.

मैं उन मां बाप से कहना चाहती हूं अगर आप को अपना बच्चा गलत लगता है तो पहले उसे उस काम की पूरी जानकारी लीजिए   अपने बच्चे से पूछिए वह आपको बताएगा मगर प्यार से ऐसा नहीं कि आप गुस्से में पूछ रही है मैंने बहुत ऐसे केस देखे हैं  जो अपने बच्चों को रोकते हैं सपने पूरे करने से उन्हें एक बार अकेला छोड़ कर तो देखिए तभी तो वह चलना सीखेंगे गिरेंगे भी मगर बचपन की तरह सहारा दीजिए दीवार बनके उनके आगे खड़े मत होइए

मिन्नतें
Supplications

अगर कोई व्यक्ति आपसे बार-बार पैसे मांगे तो आप उसे एक बार मना करते हैं 2 बार मना करते हैं 3 बार मना करते हो लेकिन चौथी बार में दे ही देते हो क्योंकि वह आपको छोड़ता ही नहीं और इसीलिए आपको मजबूरी मैं देने पड़ते हैं  एक बार मैं और मेरी फ्रेंड बस में बैठे हुए थे हम स्कूल से घर आने के लिए बैठे थे वहां दो बच्चे हम से पैसे मांगने लगे हमने दोनों को पैसे दे दिए मैंने दोनों को मैंने दोनों को बराबर बराबर दिए और मेरी दोस्त ने 1 को 5 और दूसरे को रुपए ₹10 दिए  क्योंकि उसके पास और छुट्टे पैसे नहीं थे जिस बच्चे को कम पैसे मिले थे वह मेरी दोस्त के पैर पकड़कर ₹5 और मांग रहा था कि मुझे भी इतने पैसे दो जितने उसे दिए और मेरे पास भी छुट्टे पैसे नहीं थे हमने उन्हें बहुत समझाने की कोशिश की लेकिन वह बच्चा समझ नहीं पा रहा था बस में काफी सारी सवारी रहती है उनमें से कुछ लड़के शुरू में तो हंसते हैं और बाद में बच्चों को वहां से भगाते हैं लेकिन वह बच्चे मानते नहीं हैं फिर मैं एक पड़ोसी से छुट्टे पैसे के लिए पूछती हूं क्या आप ₹100 छुट्टी कर देंगे वह कहते हैं हां वह पैसे छुट्टे करते हैं और मैं उन बच्चों को पैसे दे देती हूं तब जाकर वह वहां से जाते हैं वरना वह वही काफी देर से थे पैसे मिलते ही वह वहां से चले जाते है अब बताइए यह उन 2 बच्चों की किस्मत थी या वह बच्चे उन्हें मजबूर कर रहे थे हां मैंने कई ऐसी शादी भी देखी हैं जिन मैं पहले तो मना हो जाती है और फिर शादी हो जाती हैं यह किस्मत नहीं कोई आपको मजबूर कर रहा होता है बार-बार अगर आपसे कोई बार-बार माफी मांगता है तो आपको उसे माफ ही करना पड़ता है लोग उसे ही किस्मत कहते हैं 

सचाई 
Truth

लेकिन यह सच्चाई नहीं है सच्चाई तो यह है के उन्हें और कोई लड़का अच्छा मिल नहीं पाता और हर थक्कर उसी से शादी कर देते हैं इसलिए ऐसा होता है और उसे किस्मत से जोड़ देते हैं ताकि कोई उन्हें कह ना पाए

अपनी मर्जी
Your wish

एक बीटेक करने वाला लड़का जान पूछ कर फेल हुआ दो बार फेल हो जाता है और उसके बाद उस कॉलेज के प्रिंसिपल ने उस लड़के को वार्निंग दी अगर तुम इस साल फेल हो गए तो तुम्हें कॉलेज से बाहर निकाल दिया जाएगा पर उस लड़के ने मना कर दिया उस कॉलेज में ही नहीं वह और किसी कॉलेज में भी नहीं पढ़ाई करेगा क्योंकि वह जिस लड़की को पसंद करता था उस लड़की ने कई बार मना दिया था क्योंकि वह एक मिडिल क्लास फैमिली से थी वह कहती थी मैं गरीब हूं और आप अमीर हो अब वह लड़का पढ़ाई छोड़कर रिक्शा चलाता है गरीब बनने के लिए अपना घर तक छोड़ देता है उस लड़की के लिए पास पैसे भी बहुत थे उसके पास लेकिन वह खुद को बर्बाद करना चाहता था वह उस लड़के की किस्मत थी जो हम चाहते हैं वह करते हैं और दोस किस्मत या दूसरों को देते हैं हम अपनी पसंद से खाते हैं अपनी पसंद से रहते हैं अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ रहते हैं तो इसमें मुझे बताइए किस्मत कहां है किस्मत कुछ नहीं है बस एक नाम है जिस पर हम जब चाहे दोस लगा देते हैं क्योंकि वह हमें जवाब नहीं देगी अगर किसी व्यक्ति को बिन कसूर के कहेगे तो वह चुप नहीं बैठेगा बस इसलिए लोग किस्मत को दोष देते हैं मेहनत करके जब सफलता मिलती है तब कोई भी व्यक्ति यह नहीं कहता है के यह मेरी किस्मत में लिखा था मुझे सफल होना था इसीलिए मैं सफल हो गया उस वक्त वह केवल यह कहते हैं मैंने बहुत मेहनत की थी के इसलिए मैं कामयाब हुआ यही कहते हैं लोग तो किस्मत कहां है और क्या है मुझे अब बताइए

कर्म
Deed

कर्म ही सब कुछ है नसीब है सुख दुख है कर्म कहो या कर्मों से जो मिलकर बनती है वही किस्मत है सब कुछ हम खुद तय करते हैं सही गलत यहां तक कि हमें शादी किससे करनी है हमारा फ्यूचर क्या है या क्या होगा कुछ हम सब कुछ खुद तय करते हैं और कोई नुकसान होने पर किस्मत को दोष देते हैं और फायदा होने पर हमारी मेहनत है यह कह कर टाल देते हैं 

गलती भी कम है
There are also fewer errors.

एक लड़की एक लड़के से प्रेम करती हैं और उससे  शादी करना चाहती थी उसके  प्रेम का  सिलसिला काफी समय तक चलता रहता है एक दिन वह लड़की लड़का शादी से पहले वह सब कुछ कर बैठते हैं जो शादी के बाद होता है और वह लड़की फिर उस गलती का एहसास करती  हैं वह लड़का उसे झूठ पर झूठ बोलता है के आज शादी कर लेंगे कल शादी कर लेंगे लेकिन वह उस लड़की से मिलना भी  छोड़ देता है और वह लड़की गर्भ से हो जाती है वह उसके घर जाती है के हम अब शादी कर लेते हैं इतना ही सुनकर वह लड़का उससे कहता है तुम अबॉर्शन करा दोवह लड़की जिस लड़के से मिलती है वह व्यक्ति उसी दुकान पर लॉकेट बेचने आता है जहां उस लड़की के मां-बाप रहते हैं   और वह उस  व्यक्ति से सच पूछते हैं वह व्यक्ति कहता है वह  बच्चा मुझे मरा हुआ मिला था और उस लड़की का बाप एक बच्चे को अनाथ आश्रम से ले आता है और वह उस लड़की का बेटा बना देता है  और यह राज अपनी बेटी से नहीं बताता जिसका वह बेटा बनता है  क्योंकि वह लड़की दोबारा मां नहीं बन सकती थी इसलिए वह ऐसा करता है अब लड़का बड़ा हो जाता है और वह लड़का उसी व्यक्ति से दोस्ती कर बैठता है जो उसकी मां को धोखा देता है लेकिन उन दोनों को यह बात नहीं पता रहती वह व्यक्ति वह 1 दिन किसी काम से उस औरत के घर चला जाता है जिसे उसने धोखा दिया था वह लड़का उस औरत का बेटा रहता है वह व्यक्ति फिर  उस लड़के को सारी कहानी बता देता है उसकी मां बहुत बेगैरत औरत है उसकी मा वह  गाली देने लगता है वह लड़का अपनी माँ से जाकर पूछता है कि मां क्या यह सच वह व्यक्ति मुझे ऐसे ऐसे कह रहा है वह मां  कुछ जवाब नहीं देती और मरने के लिए तैयार हो जाती है बेटा उसे कहता है मां उस  व्यक्ति ने मेरी देवी समान  मां को धोखा दिया है मैं उसे नहीं छोडूंगा वह लड़का उस व्यक्ति के साथ रहने  लगता है  और उस व्यक्ति को नुकसान पहुंचाता रहता है जिसने उसकी मां को धोखा दिया था और फिर उस औरत को भी पता चल जाता है कि मुझे कौन  नुकसान पहुंचा रहा है कौन मुझे बर्बाद कर रहा है कई बार वह लड़का अपनी मां को बचाने के  चक्कर में अपने पापा जी की नजरों में गिर जाता है  वह बाद में उसे मारकर  अपनी मां की जिंदगी बेदाग होने से बचा लेता है और खुद  जेल चला जाता है फिर उसके पापा को भी यह पता चल जाता है कि यह ऐसा क्यों कर रहा है क्योंकि वह औरत अपने पति को सारी सच्चाई बता देती  हैं
यह कर्म थे या किस्मत थी नहीं यह कर्म थे जो कुछ भी हम करते हैं वही हमारी किस्मत है अगर किस्मत होती तो दो सगे सगे भाई अलग काम क्यों करते हैं वह उस काम को चुनते हैं कोई चोरी करता है तो कोई की नौकरी करता है बैंकिंग करता है कोई वकील बनता है तो कोई जज बनता है कोई रिक्शा चलाता है तो कोई चुपराशि की नौकरी करता है किस्मत नहीं है काम है जिन्हें हम खुद चुनते हैं किस्मत है यही सच है

किस्मत खाने को नहीं देती
Luck doesn’t put food on the table. 

किस्मत होती है तो सिर्फ पांच परसेंट ज्यादा से ज्यादा क्योंकि 95 परसेंट व्यक्तियों को खुद ही करना होता है अगर हम किस्मत के ऊपर ही बैठे रहेंगे तो कुछ नहीं कर पाएंगे हमें भूख लगती है और हम जाकर बैठ जाएंगे और कुछ ना करें तो क्या किस्मत खाने को देगी नहीं आपकी भूख तभी शांत होगी जब आप कुछ करके खाएंगे आपको ही उसमें मेहनत करनी पड़ेगी तो कहां है इसमें किस्मत

कर्म
Deed

यह सब कर्मों का फल होता है हम अनजाने में और न जाने कितनी जान पूछ  कर पाप कर बैठते हैं
जिनका न तो कोई अफसोस होता है हमें और नहीं कुछ हमें पता होता है कि हमसे पता हो गया हैकुछ लोग पेड़ों के पत्ते तोड़ते हैं और फिर उनके छोटे-छोटे टुकड़े करके जमीन पर फेंक देते हैंइस पेड़ की पत्ती का उन लोगों को तोड़ने का कोई दुख नहीं होता न हीं कभी सोचते हैं कि हमने कोई गलती की है लेकिन इस दर्द का एहसास पेड़ से पूछिए और कुछ व्यक्ति छोटे-छोटे जीव जंतु को मारते हैं जैसी चींटी मारते हैं कभी जानबूझकर तो कभी अनजाने में इसीलिए तो हमारे जीवन में दुख आते हैं वह हमें कर्मों के हिसाब से मिलते हैं कहते हैं ना कि अगर हम या आप किसी के साथ अच्छा या बुरा करते हैं तो वैसा ही हमें वापस मिलता है यही वजह है जो हमें जीवन में दुख मिलता हैजिंदगी भी उतनी ही स्वादिष्ट बन सकती है जितनी शौक से इंसान खाना पकाता या खाता है  उतने ही शौक से मेहनत करके सफलता पा ली तो फिर जिंदगी जीने में भी मजा आएगा जितना के स्वादिष्ट भोजन को खाने में आता है

गलती छोटी हो या बड़ी हो और आपसे अनजाने मैं हो या जानबूझकर गलती गलती होती है और उसकी सजा आपको मिलती है
Whether a mistake is small or big, and whether it was made inadvertently or deliberately, a mistake is still a mistake—and you have to face the consequences.

एक बार में अपने दोस्त के साथ बैंक में गई उस बैंक में मेरा खाता था मुझे पासबुक पर एंट्री करानी थी इसलिए मैं थोड़ी देर लाइन में लगी रही और कुछ समय बाद मेरा नंबर आया और मैंने मशीन के बोलने से पहले मशीन में पासबुक को रख दिया लेकिन मशीन ने पासबुक पर एंट्री नहीं की मैंने फिर कोशिश की लेकिन एंट्री नहीं हुई मैं फिर एक साइड हो गई पासबुक को लेकर फिर एक व्यक्ति ने बताया कि पहले मशीन को बोलने दो हिंदी इंग्लिश का ऑप्शन देने के बाद से हिंदी में करते हो उसके बाद वह मशीन आपको पासबुक मशीन में रखने को कहेगी तब रखना जब जाकर आपकी एंट्री होगी फिर अंकल ने ही हम से पासबुक लेकर एंट्री करा दी
ग़लती अनजाने में हो या जान पूछ कर उसकी सजा ही मिलती हैं हम जैसे गुस्से से या प्यार से कोई चीज तोड़ते हैं तो वह चीज टूटी ही है और अगर मैं मान लेती कि किस्मत ही खराब है इसलिए एंट्री मेरी पासबुक पर नहीं हुई यह किस्मत नहीं थी यह मेरी गलती थी जिसकी वजह से मेरे पास बुक पर एंट्री नहीं हो पा रही थी यह छोटी सी गलती थी और यह गलती अनजाने में हुई थी जिसका मुझे पता ही नहीं था मैं किस्मत को दोष देती और गलती मैंने की थी तो दोस्तों किस्मत वह है जो हम करते हैं सही और गलत को देख कर अपनी गलती अपनाप ढूंढिए तब जाकर अपनी गलती का एहसास हो जाएगा कोई आपकी गलती बताएगा तो गुस्सा आएगा आपको और खुद को आईने में देखेंगे तो नजर आएगा और दूसरों को आईना समझकर उनसे पूछेंगे तो वह सही तो बताएंगे कहीं गलती तो नहीं कर रहे और कभी-कभी कुछ लोग आपकी मजाक बना देते हैं आपको अपनी कमी समझ आ जाएगी

बहाना
Excuse

कुछ लोग किसमत को दोशी ठहराते है और कुछ बहाने बनाते हैं जो कुछ करना ही नही चाहते वो किस्मत को दोशी ठहराते है गलती खुद करते है और ये कहते है के हमारी किस्मत मे ही ऐसा लिखा था हमारी किस्मत ही खराब है यह कहकर वो अपने कर्म और अपनी गलती छुपाते है,ताकि कोई उन्हे कुछ कह न सके अपनी गलती इसलिए नही बताते और किस्मत शब्द को सामने ले आते है, जैसे एक व्यक्ति स्कूल में पढ़ता है तो उसे अगली किलाश मे आने के लिए उसे परिक्षा देनी पड़ती है) और उस परिक्षा में ही कुछ किलाश के बच्चे अच्छे नम्बर लाते है तो कुछ फेल हो जाते है और उनमे से एक बच्चा फस्ट भी आता है जो फास्ट्र आता है पूरी किलाश मे तो वो ये कहता है के मैंने मेहनत बहुत की थी इसलिए मुझे सफलता मिली जो और बच्चे होते है जिनके नम्बर कम आते है वह कहते है के मेहनत तो हमने भी की थी बहुत पूर हमारी तो किस्मत खराब थी हां ये सच है के वो बच्चे भी मेहनत करते है लेकिन उस बच्चे से ज्यादा नही वो रात दिन एक कर देता है , सिर्फ पढ़ाई में इसलिए वह फर्स्ट तो आना ही था और वो बच्चे जिनके कम नम्बर आते है। वो कम मेहनत करते है क्योकि उन्‍हें एंटरटेनमेंट चाहिये होता है खेलना होता है घुमना होता है सोना होता है ये सारी चीजे ये बच्चे करते है और वह बच्चा सिर्फ पढ़ाई करता है खेलता भी है कम लेकिन वह अपना पूरा फोकस पढ़ाई रखता है उसे ना खाने का फिकर होता है ना पीने की उसे फिकर रहता है उसे फस्ट्र आना था इसलिये वह रात दिन मेहनत करता है पढ़ता रहता है उसे इतना पागल पन चढ़ा होता है के उसे हर हाल मे अपना मकसद पूरा करना होता है इसलिए वह सफल होता है, वह डूब जाता है, किताबो की गहराईयों में अपने मकसत को पूरा करने के लिए वह मेहनत करता है हर समय इसलिए वह फस्ट्र आता है
अब आप बताइये एक व्यक्ति सब कुछ छोड़कर अपने मकसत को पूरा करने मे दिन रात जुटा रहता है, और एक व्यक्ति कभी कभी मेहनत करता सफलता हर रोज मेहनत करने वाले को मिलेगी या कभी कभी मेहनत करने वाले को मिलेगी सफलता केवल उस व्यक्ति को मिलेगी जो हर रोज़ मेहनत करता है. किसान हर रोज मेहनत करता है अच्छी फैशल प्राप्त करने के लिए उसे कब पानी की जरूरत है कब दवाईयों की जरूरत है। और कब खाद की जरूरत है सब ध्यान रखने के बाद तब वह अच्छी फैशल प्राप्त कर पाता है जिस तरह कॉलिज में अडबिसून लेने-लेने से कोई व्यक्ति या बच्चा पास नहीं होता ठीक इस तरह ही केवल फैसल बोने-बोने से आपको अच्छी फैसल प्राप्त नही होती आपको उसकी देख रेख समय-समय पर जो उसे चाहिये होता है पानी खाद किटनाशक दवाईयां उसमे डाली ही पड़ेगी तब जाके आपको अच्छी फैशल प्राप्त होगी और किस्मत- कुछ नही है मेहनत करोगे तो फल मिलेगा वरना कुछ नहीं मिलेगा जो कुछ आप करते हो वो ही किस्मत है

जरूरी
Necessary

कुछ लोग किस्मत के चक्कर में

जरूरी
Necessary

कुछ लोग किस्मत के चक्कर में कुछ करते नही और हाथ पे हाथ बैठे रहते है के जो किस्मत में होता है वह अपनाप मिल जायेगा ऐसा बिल्कुल भी नही है क्योंकि जब तक आप अपने पैरो पर चलना खुद नहीं सीखते तब तक चलना नही आता 10% किस्मत करती हैं तब जाकार मगर 90%आपको करना होता है तब जाके 100 होता है  आप किस्मत करती है आपकी जिस तरह पेट की भूक मिटाने के लिए” खाना पकाना होता है,और खाना पड़ता है और सबसे पहले पैसे का इन्तजाम करना भी पड़ता है तक जाके पेट की भूक मिटती है तो दोस्तों किस्मत पर निर्भर मत रहिये क्योकि किमात  आपको खाने को नही देती सबसे ज्यादा इन्पोट्रन्ट जो है वो पैसा है पैसे की कीमत समझीए

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