“कोरे पन्नों से कामयाबी तक”
अध्याय 1: शुरुआत और हालात (शून्य का अनुभव) सुबह के ठीक साढ़े चार बजे थे। हवा में हल्की सी ठंडक थी, लेकिन कमरों के भीतर की उमस अभी पूरी तरह…
अध्याय 1: शुरुआत और हालात (शून्य का अनुभव) सुबह के ठीक साढ़े चार बजे थे। हवा में हल्की सी ठंडक थी, लेकिन कमरों के भीतर की उमस अभी पूरी तरह…
अध्याय 1: बेरोजगारी का महासागर और डिग्रियों की रद्दीभूमिका: सपनों का श्मशानभारत एक युवा देश है, लेकिन आज यही युवा शक्ति हताशा के दौर से गुजर रही है। जब एक…
भूमिका: संकट में समाधान या मनोरंजन?इतिहास जब भी कोरोना काल का मूल्यांकन करेगा, तो वह केवल वायरस और मौतों की बात नहीं करेगा, बल्कि वह उन अजीबोगरीब ‘नुस्खों’ की भी…